बिहार बोर्ड मैट्रिक स्पेशल परीक्षा 2026: शेड्यूल जारी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने माध्यमिक विशेष परीक्षा 2026 और कम्पार्टमेंटल परीक्षा 2026 का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। यह परीक्षा 2 मई 2026 से शुरू होकर 6 मई 2026 तक चलेगी। बोर्ड ने सभी विषयों की तारीखें, समय और विशेष निर्देश भी साझा किए हैं।

परीक्षा की शुरुआत 2 मई 2026 को शनिवार से होगी। पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक मातृभाषा (हिंदी, बंगला, उर्दू, मैथिली) की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक द्वितीय भारतीय भाषा (संस्कृत, हिंदी, अरबी, फारसी, भोजपुरी) की परीक्षा ली जाएगी। 4 मई को विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। 5 मई को गणित और अंग्रेजी का एग्जाम रखा गया है। अंतिम दिन यानी 6 मई को ऐच्छिक विषयों और व्यावसायिक विषयों की परीक्षा होगी।

इस बार बोर्ड ने दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की है। जो विद्यार्थी देख नहीं सकते, उन्हें गणित के स्थान पर गृह विज्ञान और विज्ञान के स्थान पर संगीत विषय की परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर ली जाएगी। इसके अलावा स्पास्टिक, दृष्टिबाधित और वे दिव्यांग परीक्षार्थी जो खुद नहीं लिख सकते, उन्हें लेखक रखने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों को प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा।

🔥 इसका आम छात्रों पर क्या असर पड़ेगा:

जो विद्यार्थी पहली बार मैट्रिक परीक्षा में असफल रहे थे या किसी विषय में कम्पार्टमेंट आया था, उनके लिए यह सुनहरा मौका है। इस परीक्षा में पास होकर वे अपना साल बचा सकते हैं और आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। साथ ही दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था से उन्हें बराबरी का मौका मिलेगा। परीक्षा केंद्र में समय से पहुंचना बेहद जरूरी है, वरना एंट्री नहीं मिलेगी।

💡 विश्लेषण और सुझाव:

बिहार बोर्ड ने इस बार परीक्षा कार्यक्रम को काफी सुव्यवस्थित तरीके से तैयार किया है। दो पालियों में परीक्षा का आयोजन सही है क्योंकि इससे गर्मी के दिनों में विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। साथ ही 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्र समझने के लिए देना एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थी बिना घबराए पेपर को ध्यान से पढ़ सकेंगे।

हालांकि, छात्रों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। पहली पाली के लिए सुबह 9 बजे तक और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। इसके बाद किसी भी हाल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसलिए घर से समय रहते निकलना जरूरी है।

जो विद्यार्थी व्यावसायिक विषय जैसे ब्यूटीशियन, टूरिज्म, रिटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कोर्स कर रहे हैं, उनकी प्रायोगिक परीक्षा 29 और 30 अप्रैल को होगी। यह मुख्य परीक्षा से पहले होगी, इसलिए इन छात्रों को प्रैक्टिकल की तैयारी भी समय से पूरी कर लेनी चाहिए।

उदाहरण के तौर पर:

मान लीजिए राजेश को पिछली बार गणित में कम्पार्टमेंट आया था। अब उसे सिर्फ गणित की परीक्षा 5 मई को देनी होगी। अगर वह इसमें पास हो जाता है तो उसका रिजल्ट क्लियर हो जाएगा और वह इंटर में एडमिशन ले सकेगा। इसी तरह अगर किसी दृष्टिबाधित छात्र को गणित मुश्किल लगता है, तो वह गृह विज्ञान विषय चुन सकता है जो उसके लिए आसान होगा।

विद्यालयों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सामाजिक विज्ञान में प्रोजेक्ट वर्क और विज्ञान में आंतरिक मूल्यांकन के मार्क्स 4 मई तक जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास जमा करने होंगे। इसमें किसी भी तरह की देरी से छात्रों के रिजल्ट में दिक्कत आ सकती है।

अंतिम निष्कर्ष:

बिहार बोर्ड की यह स्पेशल और कम्पार्टमेंटल परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए दूसरा मौका है जो किसी कारण से पहली बार सफल नहीं हो पाए। अच्छी तैयारी, समय की पाबंदी और सही रणनीति से कोई भी छात्र इस परीक्षा में सफलता पा सकता है। विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए बोर्ड की व्यवस्थाएं उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली हैं। अब विद्यार्थियों को चाहिए कि वे पूरी मेहनत से पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना, एडमिट कार्ड साथ रखना और परीक्षा नियमों का पालन करना उनकी सफलता की कुंजी होगी।

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