राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 का आयोजन देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस बार परीक्षा में 97 फीसदी अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू और समाप्त हुई।
परीक्षा से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर 75 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई की, जो परीक्षा में धोखाधड़ी और पेपर लीक की अफवाहें फैला रहे थे। इन चैनलों के जरिए फर्जी प्रश्न पत्र और सॉल्व्ड पेपर बेचे जा रहे थे, जिससे छात्रों को गुमराह किया जा रहा था। पिछले साल NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद इस बार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना कर दिया था।
पिछले वर्ष NEET UG 2025 में पेपर लीक और अंकों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया था और NTA को सख्त निर्देश दिए थे कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
🔥 इसका आम छात्रों और अभिभावकों पर सीधा असर पड़ेगा। 75 फर्जी टेलीग्राम चैनलों की बंदी से यह साफ होता है कि सरकार अब परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। अब छात्रों को असली मेहनत पर ही भरोसा करना होगा, न कि शॉर्टकट्स पर। ईमानदार छात्रों के लिए यह एक अच्छा संकेत है कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
💡 मेरी राय में, NTA को परीक्षा प्रक्रिया में और अधिक तकनीकी सुधार लाने चाहिए। जैसे कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी और AI-आधारित निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल। साथ ही, परीक्षा परिणाम की घोषणा में पारदर्शिता बनाए रखना भी जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, JEE Main में अब OMR शीट्स ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाती हैं, जिससे छात्रों को अपने जवाबों की जांच करने का मौका मिलता है।
कुल मिलाकर, NEET UG 2026 की सफल परीक्षा और फर्जी चैनलों पर कार्रवाई एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली चुनौती परिणाम घोषणा में निष्पक्षता बनाए रखने की होगी। छात्रों को भी सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह के फर्जी दावों के झांसे में नहीं आना चाहिए।